Friday, August 31, 2018

अब किस देश में तेज़ी से पांव पसार रहा है इस्लामिक स्टेट

इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने पिछले साल के अंत में सीरिया और इराक पर नियंत्रण खोने के बाद हाल के दिनों में सोमालिया में हमले बढ़ा दिए हैं.
25 जुलाई को आईएस ने दक्षिण सोमालिया के लोअर शाबेल इलाके में 14 लोगों को मारने या घायल करने का दावा किया.
बीबीसी मॉनिटरिंग ने जनवरी से जुलाई 2018 तक सोमालिया में आईएस के हमलों से जुड़े आंकड़े इकट्ठा किए जो इस देश में आईएस की गतिविधियों के बारे में अहम ट्रेंड को बताता है.
आईएस का दावा है कि ख़ुफ़िया और सुरक्षाकर्मियों पर अधिकांश हमले उसने सुनियोजित तरीके से किए हैं. कुछ हमले जो दिन के समय किए गए उन्हें फिल्माया भी गया है.
शुरू में इस समूह ने अधिकांश हमले दक्षिण-पश्चिमी शहर अफगोये में करने का दावा किया. लेकिन हाल में अधिकांश हमले राजधानी मोगादिशु के आसपास के शहरों में करने का दावा किया है.स डेटा के मुताबिक आईएस ने इस साल पहली जनवरी से 31 जुलाई तक सोमालिया में 39 हमले किये हैं.
इनमें से 27 हमले केवल तीन महीने मई, जून और जुलाई में किए. साल 2017 में आईएस ने पूरे साल के दौरान सोमालिया में 21 हमले करने के दावे किए थे. इसका मतलब है कि सोमालिया में आईएस के हमलों में वृद्धि हुई है.
आईएस ने अधिकतर घात लगाकर या गोली मारकर हत्याएं की लेकिन कुछ में इम्प्रूवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी का इस्तेमाल भी किया गया.
आईएस के निशाने पर ख़ुफ़िया अधिकारी, सोमाली पुलिस और सैन्यकर्मी रहे हैं.
सोमालिया में आईएस की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद इनके हमले अपेक्षाकृत छोटे रहे हैं.
सोमालिया में आईएस का प्रतिद्वंद्वी संगठन अल-शबाब सेना, सरकार और अफ़्रीकी सेनाओं पर अक्सर बड़े और घातक हमले करता है.
वास्तव में आज अल-शबाब की मौजूदगी सोमालिया में आईएस के विस्तार में बाधक है.
सोमालिया में आईएस चरमपंथी देश के उत्तर पूर्व में उभरने के बाद दक्षिणी हिस्से तक पहुंच गए हैं.
साथ ही राजधानी मोगादिशु के आसपास भी उनके हमलों में वृद्धि हुई है.
इस साल जिन 39 हमलों का वो दावा करते हैं, उनमें से 23 मोगादिशु में ही किए गए हैं. इनमें से कई हमले यहां के बकारा बाज़ार इलाके के आसपास किए गए जो सोमालिया के मध्य में है और यहां के सबसे व्यस्त व्यवसायिक केंद्रों में से एक माना जाता है.
मोगादिशु में आईएस के हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि मई 2018 के महीने में देखी गई है.
इस दौरान आईएस ने अफगोये में नौ हमले जबकि सोमालिया के पूर्वोत्तर में बोसासो में तीन हमले करने का दावा किया.
मोगादिशु अफगोये से बहुत दूर नहीं है. दोनों ही शहर दक्षिण सोमालिया में स्थित हैं. दोनों के बीच दूरी महज 30 किलोमीटर की है.
रिपोर्टों के मुताबिक आईएस चरमपंथियों के हमले उत्तर पूर्वी सोमालिया के पंटलैंड से दक्षिणी हिस्से में किए गए थे.
जनवरी से जुलाई के बीच सोमालिया में आईएस के हमलों की जानकारी इस समूह की स्वघोषित 'न्यूज़ एजेंसी' अमाक़ ने दी.
अमाक़ की रिपोर्ट, भाषाई स्तर पर आईएस के बयानों से मेल नहीं खाती. अमाक़ ने कुछ हद तक मुख्यधारा की मीडिया शैली की नकल की है. आईएस के खास सिद्धांतों जैसे कि धार्मिक संदर्भ, जीत की गाथा, विरोधी समूहों के लिए अपमानजनक शब्द उनकी रिपोर्ट्स में नहीं होते.
अमाक़ की अधिकतर रिपोर्ट में हमले या उसके बाद की तस्वीरें या वीडियो होते हैं.
इनमें से कई में ये लगता है कि इनकी शूटिंग बहुत पास से की गई है. इन्हें अक्सर दिन के उजाले और खुले सार्वजनिक इलाकों में लोगों के साथ फ़िल्माया गया है.
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इसी साल 19 जुलाई को अमाक़ के एक वीडियो में सिनाए जंक्शन इलाके में एक आदमी सोमालियाई ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी को बेहद नज़दीक से गोली मारता दिख रहा है. सड़क किनारे बैठे व्यापारियों को देखकर ये इलाका घनी आबादी वाला मालूम पड़ता है.
29 जून का एक और वीडियो है जिसमें दोपहर के वक्त सादे कपड़े पहने एक आदमी बहुत नज़दीक से दो लोगों को गोली मारता है. इस हमले को लेकर आईएस ने दावा किया कि उसने मोगादिशु के बाज़ार में सोमालियाई सरकार के दो वित्तीय अधिकारियों को मार गिराया है.
7 मई के वीडियो में सादे कपड़े में एक आदमी माइक्रोबस में एक व्यक्ति को मारता हुआ दिख रहा है. मारे गए व्यक्ति को सोमालिया के ख़ुफ़िया विभाग से जुड़ा बताया गया.
अधिकतर हमले या तो पीछे से फ़िल्माए गए या कुछ दूरी से.
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अमाक़ के वीडियो छोटे और बिना एडिट किए होते थे. आईएस ने अब तक सोमालिया को समर्पित एक ही प्रौपेगैंडा वीडियो बनाया. दिसंबर 2017 के इस वीडियो में क्रिसमस और नए साल के दौरान 'वेस्टर्न टारगेट' के ख़िलाफ़ हमले के लिए उकसाया गया है.
आईएस के हमलों की जानकारी सोमालिया में आईएस के क्षेत्रीय मीडिया दफ़्तर के बजाय अमाक़ के जरिए ही आ रही हैं.
अपने क्षेत्रीय मीडिया दफ़्तर से यह समूह खास तरह के बयान जारी करता है. हमले की स्थिति में इसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है.
अमाक़ की रिपोर्ट में 'विलायाह' (इलाका) का इस्तेमाल नहीं किया जाता जबकि क्षेत्रीय बयान में इसका इस्तेमाल होता है.
रक़्क़ा के हालात पर ख़ास रिपोर्ट
आईएस साल 2015 के आखिर से सोमालिया में अपनी उपस्थिति का दावा करता रहा है. इसमें शामिल अधिकतर लोग प्रतिद्वंद्वी अल-शबाब से लाए गए हैं.
वैसे 'सोमालिया का विलायाह' मुहावरे का आईएस की इक्का दुक्का मीडिया रिपोर्ट में ज़िक्र किया गया है. हालांकि इसका इस्तेमाल संयोगवश दिखता है ना कि औपचारिक तौर पर.
'सोमालिया का विलायाह' का ज़िक्र इसी समूह के अरबी के एक साप्ताहिक समाचारपत्र में जुलाई 2018 में मिलता है जबकि दूसरी बार सोमालिया का संदर्भ विलायाह के बगैर भी दिया गया.
साल 2015 के बाद आईएस ने अपने क्षेत्रीय संगठन के संदर्भ में विलायाह शब्द का ज़िक्र करने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी.
अब्दिकादिर मुमिन को सोमालिया में आईएस चरमपंथियों का सरगना बताया जाता रहा है.
मुमिन और कुछ लड़ाके अल-शबाब से आए हैं और अक्तूबर 2015 में वो आईएस के मुखिया अबू बकर अल-बगदादी के साथ एक वीडियो में प्रतिज्ञा लेते हुए दिखाए गए, तब आईएस चरम पर था.
इस प्रतिज्ञा के बाद आईएस का एक मीडिया कैंपेन भी आया जिसमें अल-शबाब के लोगों से आईएस में शामिल होने का आग्रह किया गया था.
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अलग-अलग रिपोर्ट से ये संकेत मिलते हैं कि सोमालिया में आईएस के कई वफादार अल-शबाब के सदस्य थे.
अल-शबाब छोड़ने वालों ने बाद में महाद मोअलिम को मुमिन का डिप्टी कमांडर चुन लिया.
हालांकि अल-शबाब के प्रभाव को देखते हुए यह कहना मुश्किल नहीं है कि मुमिन को लड़ाके भर्ती करने और सोमालिया में अपनी मज़बूत उपस्थिति बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
कुछ वैसा ही जैसा उसे यमन जैसे अन्य देशों में करना पड़ा था, जहां पहले से मौजूद अल-कायदा की उपस्थिति की वजह से ये समूह घुसपैठ करने में नाकाम रहा था.
मुमिन आखिरी बार आईएस के प्रचार में अप्रैल 2016 में एक वीडियो में देखे गए थे, जिसमें सोमालिया में इस समूह के पहले प्रशिक्षण शिविर को दिखाया गया था. अगस्त 2016 में उन्हें अमरीका की जारी आतंकियों की सूची में शामिल किया गया.
अमरीकी सरकार का मानना है कि सोमालिया के आईएस लड़ाके यमन से हथियार लेते हैं.
इस साल सोमालिया में आईएस की बढ़ती गतिविधियों के बावजूद इसका यहां अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी अल-शबाब से कम प्रभाव है.
जुलाई 2018 में अपने साप्ताहिक समाचारपत्र अल-नाबा के एक लेख में समूह ने लिखा कि कैसे सोमालिया में आईएस समर्थकों को मार डाला गया या 'यहूदी जिहादियों' ने अगवा कर लिया. आईएस की ओर से इस लफ़्ज़ का इस्तेमाल अल-क़ायदा के लिए किया जाता था.
अल-शबाब ने देश में आईएस चरमपंथियों का खुलेआम सफ़ाया किया है, यहां तक कि अपने उन सदस्यों का भी जो आईएस में शामिल होना चाहते थे या उनके प्रति झुकाव रखते थे.

Wednesday, August 29, 2018

气候、能源与环境支撑中美对话

上周,在北京举行的第六轮中美战略与经济对话,美国环保协会中国项目负责人张建宇和美国自然资源保护委员会高级顾问杨富强均表示,环境已成为了中美战略对话的焦点议题。

美国环保协会中国项目负责人张建宇对中外对话说,两国对气候变化问题的高度重视,在本轮对话中值得特别注意。7月9日,中国国务院副总理张高丽会见了美国总统气候变化及能源政策顾问波德斯塔、能源部长莫尼兹一行,中心议题是全球应对气候变化及进一步加强气候变化领域的交流与合作。

张建宇认为,中美之间并不缺乏对话渠道,缺乏的是真正达成一致、能够落实的具体行动。新型大国关系必定不以牺牲自身利益为基础,经济议题往往是零和的,而环境领域更可能创造双赢的潜在机遇。

被张建宇概括为“真正能够一块做点什么”的领域——气候变化、能源、环境,是中美建立战略对话以来进展较好的领域,双方的分歧一直不大。

通过观察本轮对话,美国自然资源保护委员会高级顾问杨富强发现,这三个领域里面话题有所增加,比如核电——中国正在试验的两个AP1000三代核电项目,技术上源自美国。

核安全及监管合作核安全及监管合作。双方将在明年展开人员互访交流计划,将分享与运行核电厂相关的经验,包括严重核事故情况下强化排放与过滤和事故情况下控制放射性物质释放的安全壳策略。

另外,核安全及监管合作和洁净煤等清洁技术也是本次对话的成果之一。

杨富强表示,气候变化、能源和环境领域可以说形成了中美战略对话的支柱领域。

Friday, August 17, 2018

中资北极天然气厂需避免生态风险

亚马尔半岛是从西伯利亚延伸进入北冰洋的一块广袤的冻土带,那里有着俄罗斯最大的天然气储量,占全球已知天然气储量的20%。

这片荒凉的土地是世界上现存最大的游牧驯鹿民族涅涅茨人的家园,这座700 公里长的半岛周围的水域则支撑着在国际上拥有重要地位的俄罗斯渔业。

这个偏远的地方正处在大国政治和人类生存问题的交汇点上。亚马尔半岛是一个脆弱的生态系统,那里有着大量尚未开发的化石燃料储备,而随着人为造成的气候变暖,这些储备正在变成可采资源。大国间的利益竞争推动着这一地区的发展,这不仅威胁着涅涅茨人的传统生活方式,还可能加剧气候变化的影响。

战略愿景

对亚马尔半岛感兴趣的国家之一便是中国。中国的国有企业已经投资了亚马尔的一个集开采、液化、出口为一体的液化天然气项目。据项目控股方俄罗斯天然气生产商诺瓦泰克称,该项目的年产量约为1650万吨。

亚马尔液化天然气厂于2017年12月正式投入生产,第一批液化天然气货物在现货市场出售后,沿北海航线送往美国波士顿。采购合同的细节尚未披露,但根据诺瓦泰克称,该厂生产的液化天然气中96%都签订了20到25年的协议,其中大部份都将出口至中国和日本。

俄罗斯吞并克里米亚、介入乌克兰事件后遭到了欧美制裁。而亚马尔液化天然气厂项目之所以能够如期完工很大程度上要归功于中国投资者的注资。

中国石油天然气集团公司和中国丝路基金拥有亚马尔液化天然气项目近30%的股份。这对中国来说是一项很实用的投资。随着中国政府不断推动供暖的“煤改气”和“油改气”,希望借此来减少空气污染,中国国内的天然气需求正在增长。

据美国能源信息管理局( )预测,2040年,中国每天将燃烧近600亿立方英尺的天然气,较2015年的每天200亿立方英尺有大幅上涨。尽管中国拥有包括世界上最大的可采页岩气储备在内的丰富的天然气储量,但其液化天然气的进口需求可能将与目前世界上最大的天然气进口国日本相当。中国与北极航道
亚马尔液化天然气项目首批货物出口恰逢中国国务院信息中心1月26日发布了首份《北极政策白皮书》。

除了在该地区的其他利益,中国在“北极政策白皮书”中还强调了航运和捕鱼的权利。

 “全球变暖使北极航道有望成为国际贸易的重要运输干线,”白皮书中写道,并提出中国希望与各方合作,通过发展北极航道来建立一条‘极地丝绸之路’,这一说法将北极和中国建立全球基础设施和运输网络的“一带一路”愿景联系到了一起。与此同时,俄罗斯正在制定一项航运政策,企图禁止非俄罗斯船只沿其北方航道运输化石燃料。该航线穿过俄罗斯长达200海里的专属经济区。这一禁令将有利于俄罗斯航运商。

随着海水温度上升,鱼类种群向北移动,海冰消退,中国希望确保本国的捕鱼船队能够进入北极公海。

 “中国支持就北冰洋公海渔业管理制定有法律拘束力的国际协定,”白皮书中说。

中国正通过参与多地区的事务来确立自身地位,以确保此类协议反映出其作为“近北极国家”的利益,而不只是俄罗斯、美国、挪威、芬兰、瑞典、丹麦、加拿大和冰岛的利益。

北极通航的潜在问题

由于北方航线上海冰减少,这条航线的通航性大增,航运对北极脆弱环境的影响已经成为许多研究和决策讨论的主题。

国际海事组织于2017年发布了《极地规则》,限制北极水域的石油、污水和垃圾的排放,同时对极地船舶的设计、建造和设备做出要求。以重油为燃料的船只产生的黑碳排放也令人担忧,原因在于这些污染物会落在冰上,加速其融化。

专门为亚马尔项目制造的特殊货船以液化天然气为燃料,不会排放黑碳,造成的碳排放也更小。北极航运面临最大的风险或许来自海冰流动和风暴造成的恶劣危险的环境。鉴于人类在偏远地区清理石油泄漏的能力极其有限,加之石油在低温中分解的时间更长,因此,泄露可能会产生长期影响。北极国家已经签署协议,同意在灾难发生时提供搜索、救援和清理援助。

2017年12月,国际社会在海洋保护方面取得突破性进展,包括中国和欧盟在内的九大主要捕鱼国签署了一项禁止在亚马尔半岛北面的北冰洋中部进行商业捕鱼的禁令,禁捕期为16年。目前这片海域还没有开展商业捕鱼。这项禁令将在保护鱼类种群的同时研究这片人类尚不了解的生态系统。

Monday, August 13, 2018

प्रेस रिव्यू: 'अच्छे दिन आने वाले हैं' से डर गए थे अंग्रेज़

यह वो नारा या है या वो पंचलाइन है जिसे बीजेपी ने साल 2014 के आम चुनाव से पहले वोटरों को रिझाने के लिए इस्तेमाल किया था.
दरअसल इसी शीर्षक की एक कविता आज़ादी से पहले लिखी गई थी.
कविता कुछ इस तरह थी-
ऐ मादरे हिंद न हो ग़मग़ीन, अच्छे दिन आने वाले हैं. आज़ादी का संदेश तुझे अब जल्द सुनाने वाले हैं. मां तुझको जिन जल्लादों ने दी है तकलीफ़ जईफी में, मायूस न हो, मगरूरों को हम अब मज़ा चखाने वाले हैं.
अंग्रेज सरकार इस कविता से इतना डर गई थी कि उसने इस पर प्रतिबंध लगा दिया.
अभी यह कविता दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय की प्रतिबन्धित साहित्य प्रदर्शनी में लगी हुई और काफ़ी लोगों का ध्यान खींच रही है.
इस कविता का संकलन घासीराम शर्मा ने गीतांजलि नाम की किताब में किया था. हालांकि ये पता नहीं लग पाया है कि ये कविता लिखी किसने है.
यह ख़बर
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक रिपोर्ट
आधार पर जारी विवादों के बीच यूनीक आइडेंटिफ़िकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ( ) ने अब लोगों को यह बताने की योजना बनाई है कि सुरक्षित तरीके से आधार नंबर का इस्तेमाल कैसे किया जाए. यानी, कहां आधार नबंर शेयर किया जाए और कहां नहीं.
यह ख़बरनवभारत टाइम्स में है.
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि आधार के इस्तेमाल से जुड़ी शंकाओं के समाधान के लिए जल्दी ही FAQ (फ़्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन्स) की एक लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसमें क़रीब एक दर्जन सवालों के जवाब होंगे.
आधार से जुड़ा विवाद तब और तेज़ हो गया जब ट्राई के चेयरपर्सन आरएस शर्मा ने ट्विटर पर अपना आधार नंबर शेयर कर दिया और इसकी बाद उनकी निजी जानकारियां ( अकाउंट नंबर, फ़ोन नंबर और पता) सामने आ गईं.
है जो सरकार और न्यायपालिका के बीच का मतभेद उजागर करती है.
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने हाई कोर्ट के जजों के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के सुझाए 50% से ज़्यादा नामों पर किसी न किसी तरह की आपत्ति जताई है.
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की तरफ़ से केंद्र सरकार को अब तक 126 जजों के नामों की सिफ़ारिश भेजी गई है, जिनमें से सरकार ने आधे से ज़्यादा नामों में कोई न कोई कमी निकाल दी.
इससे पहले सरकार ने कोलेजियम नामों की सिफ़ारिशों पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया था.
दैनिक जागरण की एंकर स्टोरी है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ही एक और रिपोर्टमर उजाला की ख़बर के मुताबिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 साल के कम उम्र की बच्चों के साथ बलात्कार पर फांसी की सज़ा वाले क़ानून पर हस्ताक्षर कर कर दिए हैं.
इसके प्रावधानों के मुताबिक दो महीने के भीतर बलात्कार मामले की जांच पूरी करना अनिवार्य होगा.
है, जो बताती है कि भारत में सिर्फ 2% ट्रांसजेंडर अपने माता-पिता के साथ रहते हैं.
यह जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से कराए गए एक अध्ययन में सामने आई है.
अध्ययन से यह भी पता चला है कि तक़रीबन 57% ट्रांसजेंडर सेक्स असाइन्मेंट सर्जरी (सेक्स चेंज ऑपरेशन) कराना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से ऐसा नहीं कर सकते.

Sunday, August 12, 2018

पांच बड़ी ख़बरें: ख़ालिस्तान समर्थकों को सुषमा ने क्या दिया जवाब

लंदन में ख़ालिस्तान समर्थकों की रैली से ठीक पहले भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को दुनिया भर के सभी भारतीय दूतावासों में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक की 500वीं जयंती मनाने की घोषणा की है.
विदेश मंत्रालय की इस घोषणा को ख़ालिस्तान समर्थकों की गोलबंदी से मुक़ाबला करने के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले महीने भारत सरकार ने लंदन में ख़ालिस्तान रैली को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी.
हालांकि ब्रितानी सरकार ने कहा था कि लोगों को किसी मंच पर आकर अपनी बात कहने का अधिकार है. लंदन में इस तरह की रैली का आयोजन अमरीकी संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस ने किया है. लंदन में इस रैली के आयोजन के लिए लंदन के मेयर ऑफ़िस ने अनुमति दे दी थी.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में विदेशी मामलों पर बनी एक संसदीय समिति ने कहा है कि उत्तरी डोकलाम में सेना की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भारत के सामरिक हितों को चोट ना पहुंचे.
इस संसदीय पैनल का कहना है कि भूटान को सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए प्रोत्साहित करने ज़रूरत है. पैनल का कहना है कि उत्तरी डोकलाम और सिक्किम सेक्टर में चीनी सैनिकों की गतिविधि पर नज़र रखने के लिए यह ज़रूरी है.
पिछले साल चीन और भारत की सेना डोकलाम में 73 दिनों तक आमने-सामने रही थी. डोकलाम को लेकर भूटान और चीन में विवाद है और दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति थी कि वहां कोई निर्माण कार्य नहीं होगा.
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केरल में बाढ़ से निपटने के लिए तत्काल 100 करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की है. केरल में बाढ़ की स्थिति काफ़ी गंभीर हो गई है.
राजनाथ सिंह ने रविवार को केरल की बाढ़ का जायज़ा हेलिकॉप्टर से लिया. उन्होंने कई बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर से लो प्रेशर बनने के कारण केरल में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है.
राज्य सरकार का कहना है कि बाढ़ से अब तक 38 लोगों की जान जा चुकी है. इसके साथ ही एक लाख लोगों को 1,026 राहत कैंपों में शिफ़्ट किया गया है.
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को रविवार को दिल का दौरा पड़ा. उन्हें इस आघात के बाद कोलकाता के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेशन पर रखा गया है.
सोमनाथ चटर्जी 89 साल के हैं. वो किडनी की समस्या से भी जूझ रहे हैं. अस्पताल का कहना है कि चटर्जी की हालत अभी स्थिर बनी हुई है. चटर्जी का हर दिन डायलिलिस भी हो रहा है क्योंकि उनकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है.
चटर्जी को जून में स्ट्रोक आया था और वो एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे थे.
तुर्की के वित्तमंत्री और राष्ट्रपति एर्दोआन के दामाद बेरत अल्बायरक ने कहा है कि उन्होंने लीरा की गिरती क़ीमत और मौजूदा अर्थसंकट से निपटने के लिए एक ऐक्शन प्लान बनाया है.
हुर्रियत नाम के एक अख़बार को दिए एक इंटरव्यू में बेरत ने कहा कि नया प्लान लीरा की गिरती क़ीमत पर लगाम लगाएगा. साथ ही बैंकों और छोटे कारोबार के लिए भी मददगार होगा.