"मैं नहा रही थी. मुझे लगा कि ये बादल के गरजने की आवाज़ है, लेकिन ये आवाज़ थम नहीं रही थी. ऐसा लग रहा था कि लोहे की चट्टानें एक दूसरे से टकरा
रही हैं. मुझे ऐसा नहीं लगा कि गाड़ियां नीचे गिर रही हैं. लेकिन फिर गली
से चिल्लाने की आवाज़ें आने लगीं."
"मैंने खिड़की खोली और देखा कि नदी में कारें एक दूसरे के ऊपर गिरी थीं और कारों की हेडलाइटें जल रही थीं.
मैंने देखा कि पुल ग़ायब है और मेरा शरीर जैसे वहीं जम गया. अपना बैग और
जूते पकड़े और तुरंत घर से बाहर निकली. मैंने अपनी बहन को फ़ोन और हादसे की एक तस्वीर भी ली क्योंकि कोई भी यक़ीन नहीं करेगा कि मोरांडी पुल टूट गया
है."
मिम्मा की बहन ऐना रीटा सर्टो काम के लिए घर से बाहर थीं. दोनों बहनों की उम्र 60 के आसपास है और दोनों 1960 के दशक में
अपनी आंखों के सामने पुल को बनते हुए देखा है.
"ये मेरे बचपन का
हिस्सा था. हम इसके नीचे खेले हैं. जब राष्ट्रपति इसके उद्घाटन के लिए आए
थे तो हमें लगा कि हम वास्तुकला की एक अद्भुत मिसाल के नीचे रहते हैं. ये पुल इटली के विकास का प्रतीक था."
"जब मैंने हादसे की तस्वीर देखी तो मुझे लगा कि मेरे साथ किसी ने मज़ाक
किया है. मैं बचपन से इस पुल को देखती आई थी. मुझे लगा कि मेरा सबसे अच्छा
दोस्त किसी की मौत की वजह कैसे हो सकता है."
संरचना अभियंता (स्ट्रक्चरल इंजीनियर) प्रोफ़ेसर कार्मेलो जेन्टाइल इटली से क़रीब एक हज़ार मील दूर यूनान में छुट्टियां बिता रहे थे. उन्हें अपने भाई से हादसे का मेसेज मिला.
वो
कहते हैं, "मेसेज पढ़ने के बाद मैं सन्न हो गया, 20 मिनट तक पता ही नहीं
चला कि क्या हो रहा है. मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था."
साल भर पहले ही मिलान पोलिटेक्निक में अपनी टीम के साथ मिल कर वो इस पुल के पुनरुद्धार की योजना बना रहे थे. ये काम सितंबर में शुरू होने वाला था,
यानी पुल टूटने के एक महीने बाद.
"हमने पुल की मज़बूती मापने के लिए सेन्सर्स का इस्तेमाल किया. पुल का जो हिस्सा टूटा उसमें गंभीर समस्याएं थीं."
"एक
इंजीनियर के तौर पर जब हम कोई ऐसी बात देखते हैं जो सामान्य नहीं है या फिर तय सीमा से अधिक या उलट है जो इसकी पुष्टि करने के लिए हमें और परीक्षण
करने होते हैं. और जितनी जल्दी हो सके इस काम को अंजाम दे दिया जाना
चाहिए."
पुल की देख-रेख करने वाली निजी कंपनी ऑटोस्ट्रेड का कहना है कि पुल की अवस्था पर लगातार नज़र रखी जा रही थी और बीच-बीच में जांच भी चल रही थी.
लेकिन किसी तरह की तुरंत जांच में ये बात सामने नहीं आई कि पुल पर "तुरंत
ध्यान देने की ज़रूरत है."
जेन्टाइल ने अपनी रिपोर्ट एसपीइए इंजीनियरिंग को सौंप दी जोऑटोस्ट्रेड की ही सब्सीडियरी है और कंपनी के काम पूरे करती है.
"अगर
उन्होंने मुझसे अधिक जांच के लिए कहा होता तो मैं शायद समस्या की जड़ तक
पहुंच पाता. हो सकता है कि जांच शुरू करते ही मुझे इसका पता चल जाता और मैं
पूरे तथ्यों के साथ इस बारे में जज को लिखता और सुरक्षा कारणों से पुल पर
आवाजाही रोकने की गुज़ारिश कर सकता था."
डेप्युटी अभियोजक पाओलो डी'ओवितियो और उनकी टीम ने हादसे से जुड़े सबूत इकट्ठा किए. इन्हों वो जज के सामने
पेश करने वाले हैं. इस संबंध में वो, आला अधिकारियों से लेकर इंजीनियरों और
तकनीशियनों तक- क़रीब 80 लोगों की भूमिका के बारे में जांच कर रहे हैं.
ऑटोस्ट्रेड का कहना है कि पुल का रखरखाव लगातार चल रहा था और इसी कारण
पुल टूटने से पहले इसे दुरुस्त करने में बीते तीन सालों में 90 लाख यूरो का
खर्च आया था.
लेकिन पाओलो डी'ओवितियो जानना चाहते हैं कि अगर कंपनी पुल के रखरखाव को लेकर संजीदा थी को पुल के उस टूटे खंभे को फिर से खड़ा
करने में देरी क्यों की. जब ये कंपनी इटली सरकार के स्वामित्व में थी उस
वक़्त 1990 के दशक में दो खभों की पूरी मरम्मत की गई थी. उस वक्त प्रोफ़ेसर कार्मेलो जेन्टाइल इस परियोजना में काम कर रहे थे.
"पुल के डिज़ाइन रिकार्डो मोरंडी को कॉन्क्रीट में भी संगीत सुनाई देता
था. वो एक ऐसा पुल बनाना चाहते थे जहां आप सिर्फ कॉन्क्रीट देख सकें, धातु नहीं. इस डिज़ाइन में कई तकनीकी खामियां थीं. सही तरीक़े से काम होता तो
पुल के भीतर लगे स्टील को ख़राब होने से बचाया जा सकता था. लेकिन पुल के
लिए सामान बनाने की प्रक्रिया परफेक्ट नहीं थी. स्टील कॉन्क्रीट के भीतर
छिपा था और आप स्टील की जांच नहीं कर सकते थे. तो आपको नहीं दिख सकता था कि
पुल कितना मज़बूत रह गया है. और उस वक्त निर्माण तकनीक भी ऐसी नहीं थी कि
आप कहें कि पुल में ऐयर पॉकेट नहीं छूटे होंगे."
पाओलो डी'ओवितियो कहते हैं कि मलबे की जांच से पता चला है कि कॉन्क्रीट के भीतर का स्टील बुरी तरह गल चुका था.
ऑटोस्ट्रेड कंपनी से जुड़े जांचकर्ता इन दावों से इनकार करते हैं. वो कहते हैं कि ना तो पुल के खस्ताहाल होने के कोई सबूत हैं, ना ही पुल के
भीतर का धातु इतना ख़राब हुआ था कि वो अब खड़ा नहीं हो सकता था.
पाओलो
डी'ओवितियो कहते हैं "किस पर दोष लगाएं? ये उनकी ग़लती है जिन्हें पुल पर काम करना चाहिए था लेकिन जिन्होंने नहीं किया, जिन्हें खर्च करना था लेकिन नहीं किया और वो जिन्हें जांच करनी थी लेकिन जिन्होंने नहीं की."
इस मामले में अभियोजक संदिग्धों पर हत्या का आरोप लगने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट का फ़ैसला आने में लंबा वक़्त लग सकता है.
इमैनुएल डियाज़ कोलंबिया में अपनी पढ़ाई छोड़ कर वापिस आ गए हैं ताकि वो अपने भाई हेनरी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ सकें.
"पुल
खस्ताहाल था. ये आश्चर्य की बात है कि पुल इतने सालों तक आख़िर कैसे खड़ा
रहा. ये हादसा दो, तीन साल या फिर दस साल पहले तक भी हो सकता था."
उनका कहना है कि उस दौरान उनकी नज़र में कई बातें आई थीं जो चिंताजनक थीं.
"जब
एक बार वो पुल की जांच की जा रही थी तो एक जगह पर सीमेन्ट की हिस्सा निकल
आया और एक गड्ढा बन गया. आप देख सकते थे कि भीतर स्टील के टुकड़े हो चुके थे. सच कहूं तो हमें एक जगह ऐसी भी दिखी जहं कॉन्क्रीट था ही नहीं. अगर
पानी इन जगहों से पुल के भीतर जाएगा तो पूरी संभावना थी कि भीतर के धातु को पूरी तरह बर्बाद कर देगा."
डी'ओवितियो
ये तो नहीं कहते कि ऑटोस्ट्रेड को पता था कि पुल किसी भी वक़्त टूट सकता
है, लेकिन वो मानते हैं कि पुल के जोखिम का सही मूल्यांकन नहीं किया गया था
जो कि गुनाह है.
वो कहते हैं कि सबूत के तौर पर उन्होंने मलबे के नमूनों और कई दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं.